अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बाद जिस बात का डर था, वही हुआ। बुधवार को यहां संसद के दोनों सदन जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटे। काउंटिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सैकड़ों समर्थक संसद की बिल्डिंग (कैपिटल हिल) में घुस गए। इस दौरान गोली भी चली और एक महिला की मौत हो गई। कई घंटे बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (HOR) की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा- हम बिना डरे अपना काम जारी रखेंगे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि अब बाइडेन की जीत की औपचारिक घोषणा कब की जाएगी। यहां हम आपको इस घटना से जुड़े अपडेट्स दे रहे हैं....
पहले पूरा विवाद संक्षेप में समझिए
3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव हुआ। बाइडेन को 306 और ट्रम्प को 232 वोट मिले। सब साफ होने के बावजूद ट्रम्प ने हार नहीं कबूली। उनका आरोप है कि वोटिंग के दौरान और फिर काउंटिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। कई राज्यों में केस दर्ज कराए। ज्यादातर में ट्रम्प समर्थकों की अपील खारिज हो गई। दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। चुनाव प्रचार के दौरान और बाद में ट्रम्प इशारों में हिंसा की धमकी देते रहे हैं। बुधवार को हुई हिंसा ने साबित कर दिया कि सुरक्षा एजेंसियां ट्रम्प समर्थकों के प्लान को समझने में नाकाम रहीं।
कैपिटल हिल में हिंसा
बुधवार को इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट और HOR की बैठक शुरू हुई। इसी दौरान ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के सैकड़ों समर्थक संसद के बाहर जुट गए। नेशनल गार्ड्स और पुलिस इन्हें समझा पाती, इसके पहले ही कुछ लोग अंदर घुस गए। बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। हिंसा हुई। इस दौरान गोली भी चली। किसने चलाई, क्यों चलाई? यह साफ नहीं है। लेकिन, एक महिला की मौत हो गई।
फिलहाल क्या हो रहा है?
दोनों सदनों से हंगामा करने वालों को निकाल दिया गया है। हंगामे के दौरान सांसदों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। ये फिर सदन में पहुंचे। संसद की कार्यवाही फिर शुरू हुई।
ट्रम्प की सबसे बड़ी फजीहत
प्रेसिडेंट इलेक्ट की जीत पर मुहर लगाने के लिए कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जाता है। इसकी अध्यक्षता उप राष्ट्रपति करते हैं। इस बार इस कुर्सी पर माइक पेंस थे। पेंस रिपब्लिकन पार्टी के हैं। ट्रम्प के बाद उनका ही नंबर आता है। वे ट्रम्प समर्थकों की हरकत से बेहद खफा दिखे। कहा- यह अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन है। हिंसा से लोकतंत्र को दबाया या हराया नहीं जा सकता। यह अमेरिकी जनता के भरोसे का केंद्र था, है और हमेशा रहेगा।
अमेरिकी संसद में फायरिंग
न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक फोटो के जरिए बताया है कि जब ट्रम्प समर्थक संसद में हिंसा कर रहे थे, तभी कुछ पुलिस अफसरों ने दंगाइयों पर रिवॉल्वर तान दी। एक महिला की मौत हुई। हालांकि, यह बहुत साफ नहीं है कि महिला की मौत पुलिस की गोली से हुई या फायरिंग कहीं और से हुई।
आर्मी के स्पेशल गार्ड्स तैनात
घटना के बाद डीसी में मौजूद यूएस आर्मी की स्पेशल यूनिट को बुलाया गया। महज 20 मिनट में इसने मोर्चा संभाला। कुल मिलाकर 1100 स्पेशल गार्ड्स अब भी कैपिटल हिल के बाहर और अंदर तैनात हैं। राजधानी में कर्फ्यू है।
फेसबुक ने ट्रंप का वीडियो हटाया, ट्विटर ने प्रतिबंध लगाया
वॉशिंगटन में हिंसा के बीच फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो साइट से हटा दिया है। इस वीडियो में ट्रंप अपने समर्थकों को संबोधित करते दिख रहे हैं। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि ऐसा करने से हिंसा में कमी लाने में मदद मिलेगी। वहीं, टि्वटर ने भी ट्रम्प का अकाउंट सस्पेंड कर दिया।
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